कौन है बड़े साहब, जिसने 10 लाख रुपए में पंजाब के मुख्यमंत्री की वीडियो की फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई
वीडियो रिपोर्ट कार्ड कांड में हरियाणा के दो युवक गिरफ्तार, एक एनआईए में साइबर एक्सपर्ट दूसरा पीपीपी में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत

सत्य खबर हरियाणा
Punjab CM Bhagwant man video’s Haryana connection : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में कल देर शाम गुरुग्राम पुलिस ने सिरसा के एक व्यक्ति की शिकायत पर हरियाणा के दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सिरसा और जींद के रहने वाले इन दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इन लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट के साथ-साथ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

हरियाणा पुलिस की कार्रवाई से इस मामले में बड़ा नाटकीय मोड़ आ गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी रूप ले लिया है। गिरफ्तार किए गए युवकों ने पंजाब के मुख्यमंत्री की वीडियो को फेक वीडियो का सर्टिफिकेट देने का काम किया था। जिसके आधार पर पंजाब के मुख्यमंत्री धर्मगुरुओं और जनता के बीच कह रहे थे कि उनका फेक वीडियो चलाया गया है और उनके राजनीतिक दुश्मन इस प्रकार का काम कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बेअदबी से जुड़े विवाद में CM मान के वीडियो को लेकर पंजाब पुलिस पर फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का आरोप लगा है। आरोप है कि 10 लाख रुपये में फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाया गया।
पुलिस के मुताबिक, अंकित एनआईए (NIA) में एक एड-हॉक कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर साइबर एक्सपर्ट के तौर पर काम करता है, जबकि अरुण पिछले 5 सालों से पंचकूला में परिवार पहचान पत्र विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पास इस तरह के डिजिटल काम के लिए कोई भी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त या अधिकृत लैब मौजूद नहीं थी। वे बिना किसी वैध अनुमति के इस प्रकार की डिजिटल गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। इस पूरे मामले में 10 लाख रुपए की रिश्वत के लेन-देन की बात भी सामने आई है, जिसमें से 2.5 लाख रुपए एक बैंक खाते में और बाकी के 7.5 लाख रुपए दूसरे बैंक खाते में जमा कराए गए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडियो की असलियत जानने के लिए उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है और इस मामले में शामिल किसी ‘बड़े साहब’ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बेअदबी से जुड़े एक विवादित वीडियो को लेकर अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि संबंधित वीडियो फर्जी हैं और इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए दो अलग-अलग एजेंसियों से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने जांच रिपोर्ट अकाल तख्त को भेजने की भी बात कही थी। CM भगवंत मान के कथित वीडियो की फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले दो फॉरेंसिक एक्सपर्ट हिरासत में लिए गए। गुरुग्राम पुलिस ने जसवीर नामक व्यक्ति की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित और अरुण के रूप में हुई है, जिनसे पुलिस फिलहाल इस मामले में गहन पूछताछ कर रही है।
क्या है पूरा मामला
मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े 39 सेकंड के कथित वीडियो को लेकर पंजाब में राजनीतिक और धार्मिक विवाद जारी है। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने पहले दो फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है। वहीं CM भगवंत मान को जब अकाल तख्त ने बुलाया था तो सीएम ने कहा था फेक वीडियो है। 2 अलग-अलग एजेंसियों से इसकी जांच करवाऊंगा।
दूसरी ओर, अकाल तख्त ने पूर्व में दो केंद्रीय फोरेंसिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए वीडियो को वास्तविक और एआई से तैयार नहीं बताया था। गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्यों या फोरेंसिक जांच को प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
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